saanjh aai

Just another weblog

59 Posts

146 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 14516 postid : 890769

मनन

Posted On: 24 May, 2015 Others,कविता में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

निभृत ,नवीन
जीवन स्वर से
किसकी वीणा है बजी आज !
है पुलक पूर्ण
ह्रदय सम्पूर्ण

शोभा माधुरी है जगी आज !!
सुख के झोके
dukh   की व्यथा
होकर मुखरित वीणा में आज !!!

मनन -शकुंतला मिश्रा



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

2 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Maharathi के द्वारा
May 24, 2015

आदरणीय सुश्री शकुन्तला मिश्रा जी। शब्द चयन बहुत जोरदार है। गागर में सागर भरदिया है। प्रभावषाली लेखन के लिए बधाई तथा बहुत बहुत धन्यवाद। डा. अवधेश किशोर शर्मा ‘महारथी’, वृन्दावन, मथुरा (उ.प्र.)

    shakuntlamishra के द्वारा
    May 25, 2015

    aabhari hoon maharathi ji


topic of the week



latest from jagran